नमस्ते दोस्तों! भारत में व्रतों का अपना ही एक अलग आनंद और महत्व है। चाहे नवरात्रि के नौ दिन हों या महाशिवरात्रि का उपवास, हम हमेशा सात्विक और शुद्ध भोजन की तलाश में रहते हैं। व्रत के दौरान सबसे ज्यादा पसंद किया जाने वाला और पौष्टिक विकल्प है ‘सिंघारे का आटा’। यह न केवल शरीर को ऊर्जा देता है बल्कि पचने में भी बहुत हल्का होता है।
अक्सर लोग सोचते हैं कि सिंघारे से केवल पूरियां ही बनाई जा सकती हैं, लेकिन आज मैं आपके साथ साझा करूँगा कुछ ऐसी खास सिंघारे के आटे की रेसिपी जो आपके उपवास के खाने को एक शाही दावत में बदल देंगी। ये डिशेज न केवल बनाने में आसान हैं बल्कि सेहत के लिए भी बहुत अच्छी हैं।
1. गरमा-गरम और फूली हुई सिंघारे की पूरी
व्रत की थाली बिना पूरी के अधूरी सी लगती है। अगर आप पहली बार उपवास रख रहे हैं और कोई आसान सिंघारे के आटे की रेसिपी ढूंढ रहे हैं, तो पूरियां बनाना सबसे अच्छा विकल्प है।
आवश्यक सामग्री:
- सिंघारे का आटा: 2 कप
- उबले हुए आलू: 2 (कद्दूकस किए हुए)
- सेंधा नमक: स्वादानुसार
- बारीक कटा हरा धनिया और हरी मिर्च
- तलने के लिए घी या तेल
बनाने की विधि: सबसे पहले एक चौड़े बर्तन में आटा और कद्दूकस किए हुए आलू लें। आलू डालने से पूरियां नरम बनती हैं। अब इसमें नमक, धनिया और मिर्च मिलाकर बिना पानी के गूंथने की कोशिश करें। यदि जरूरत हो, तो बस एक-दो चम्मच पानी छिड़कें। आटा थोड़ा सख्त होना चाहिए। अब छोटी-छोटी लोइयां बनाकर उन्हें हल्के हाथ से बेल लें। इन्हें गरम घी में सुनहरा होने तक तलें। यह सबसे पारंपरिक और पसंदीदा सिंघारे के आटे की रेसिपी है जिसे दही के साथ परोसा जाता है।
2. शाही अंदाज़ वाला सिंघारे का हलवा
मीठे के बिना कोई भी त्यौहार पूरा नहीं होता। व्रत के दिनों में जब आपको कुछ मीठा खाने की तलब हो, तो यह सिंघारे के आटे की रेसिपी आपको बहुत पसंद आएगी। इसका स्वाद इतना लाजवाब होता है कि यह मुँह में जाते ही घुल जाता है।
आवश्यक सामग्री:
- सिंघारे का आटा: 1 कप
- शुद्ध देसी घी: आधा कप
- चीनी: स्वादानुसार
- गरम पानी: 2 कप
- मेवे (काजू, बादाम, पिस्ता) और इलायची पाउडर
बनाने की विधि: एक कड़ाही में घी गरम करें और उसमें आटा डालकर धीमी आंच पर भूनें। जब आटे का रंग हल्का बादामी होने लगे और खुशबू आने लगे, तब इसमें धीरे-धीरे गरम पानी डालें। ध्यान रहे कि गुठलियां न पड़ें। जब पानी सूख जाए, तब इसमें चीनी और इलायची पाउडर डालें। इसे तब तक चलाएं जब तक हलवा किनारों से घी न छोड़ने लगे। अंत में कटे हुए मेवे डालकर इसे सजाएं। यह सिंघारे के आटे की रेसिपी बच्चों और बड़ों सभी की फेवरेट है।
3. कुरकुरे और चटपटे व्रत के पकोड़े
शाम की चाय के साथ अगर कुछ क्रिस्पी मिल जाए, तो व्रत का मजा दोगुना हो जाता है। अगर आप कुछ झटपट बनाना चाहते हैं, तो यह सिंघारे के आटे की रेसिपी आपके काम आएगी।
आवश्यक सामग्री:
- सिंघारे का आटा: 1 कप
- कच्चे आलू: 2 (पतले स्लाइस में कटे हुए)
- सेंधा नमक और काली मिर्च पाउडर
- अदरक का पेस्ट और हरी मिर्च
बनाने की विधि: एक कटोरे में आटा, नमक, काली मिर्च, अदरक और हरी मिर्च का एक गाढ़ा घोल तैयार करें। अब कटे हुए आलू के टुकड़ों को इस घोल में अच्छी तरह लपेटें और गरम तेल में कुरकुरा होने तक तलें। इन पकोड़ों को आप हरी धनिया की चटनी के साथ खा सकते हैं। स्नैक्स के तौर पर यह सबसे बेहतरीन सिंघारे के आटे की रेसिपी मानी जाती है।
4. सेहतमंद और हल्का सिंघारा डोसा
जो लोग ज्यादा तला हुआ खाना नहीं चाहते, उनके लिए डोसा एक हेल्दी विकल्प है। यह वजन घटाने वालों के लिए भी एक शानदार सिंघारे के आटे की रेसिपी है क्योंकि इसमें तेल का उपयोग बहुत कम होता है।
आवश्यक सामग्री:
- सिंघारे का आटा: 1 कप
- ताज़ा दही: आधा कप
- सेंधा नमक और जीरा
- पानी (घोल बनाने के लिए)
बनाने की विधि: एक बर्तन में आटा, दही और नमक मिलाएं। इसमें धीरे-धीरे पानी डालकर एक पतला घोल तैयार करें, जैसा कि हम साधारण डोसा बनाने के लिए करते हैं। इसमें थोड़ा जीरा भी डाल दें। इस घोल को 10 मिनट के लिए छोड़ दें। अब एक नॉन-स्टिक तवे पर हल्का सा घी लगाएं और डोसा फैलाएं। दोनों तरफ से हल्का सुनहरा होने तक सेकें। यह हल्की और सुपाच्य सिंघारे के आटे की रेसिपी आपको दिनभर हल्का महसूस कराएगी।
5. व्रत वाली खास सिंघारा कढ़ी
दही और सिंघारे के मेल से बनी यह कढ़ी व्रत के दौरान पेट को ठंडक पहुँचाती है। समा के चावल के साथ इस सिंघारे के आटे की रेसिपी का तालमेल बहुत ही गजब का होता है।
आवश्यक सामग्री:
- दही: 1 कप
- सिंघारे का आटा: 2 चम्मच
- सेंधा नमक, जीरा और करी पत्ता
- घी (तड़के के लिए)
बनाने की विधि: सबसे पहले दही और आटे को अच्छी तरह फेंट लें ताकि कोई गांठ न रहे। इसमें 3 कप पानी मिलाएं। एक कड़ाही में घी गरम करके जीरा और करी पत्ते का तड़का लगाएं। अब इसमें तैयार किया हुआ दही का घोल डालें और उबाल आने तक लगातार चलाते रहें। धीमी आंच पर इसे 10-12 मिनट तक पकने दें। तैयार है आपकी गरमा-गरम कढ़ी! यह डिश उन लोगों के लिए बेस्ट है जो पारंपरिक सिंघारे के आटे की रेसिपी पसंद करते हैं।
व्रत में सिंघारे के आटे के स्वास्थ्य लाभ
सिंघारे का आटा न केवल उपवास का हिस्सा है, बल्कि यह एक ‘सुपरफूड’ भी है। इसमें फैट बहुत कम होता है और कार्बोहाइड्रेट्स की अच्छी मात्रा होती है, जिससे आपको तुरंत ऊर्जा मिलती है। साथ ही, यह फाइबर का एक अच्छा स्रोत है, जो कब्ज जैसी समस्याओं को दूर रखता है। जब आप इंटरनेट पर कोई सिंघारे के आटे की रेसिपी खोजते हैं, तो आप अनजाने में अपनी सेहत के लिए एक बहुत अच्छा चुनाव कर रहे होते हैं।
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